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Wednesday, 16 September 2015

खाली पन्ना तेरा

चल पड़ी हूँ साथ मैं तेरे , न सच न झूठ
एक सफ़ेद कागज़ की तरह
तेरी हो जाने
लिख डाल मुझ पे तुझे जो लिखना
रंग डाल स्याही से मेरा हर पन्ना
खाली हूँ पूरी मैं
तू भरता जा हर रंग अपना
लिख कहानियां, लिख मन का जो है कहना
भरता जा मेरा हर खाली पड़ा कोना
चल पड़ी हूँ साथ मैं तेरे
सिर्फ तेरा है मुझको होना
न सच न झूठ
सफ़ेद कागज़ की तरह
जिसे होगा तुझे भरना
तूने जब हाथ था मेरा थामा
खाई थी कसम किया था वो वादा
हटना न अब पीछे बस साथ निभाना
संग हूँ तेरे हर पल, न तू घबराना
किया था मैंने भी तो ये वादा
बस अब मुझको तो  है तेरा हो जाना !!!!!!नीलम!!!!!!!!!!!

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