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Tuesday, 15 September 2015

पंख



!!!!!!!!!! पैरों तले अब ज़मीं नहीं आसमां की चादर है
पंख लग गए मुझको जब से तू साथ है
उड़ रही हूँ ऐसे जैसे पंख सिर्फ मेरे ही पास हैं
तेरा होना देख मुझे अब और बढ़ा रहा आगे
तू भी उड़ चल दूर गगन में यों ही मुझको थामे !!!!!!!!!!!!! नीलम

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